जाने कैसे..

कभी वादे सबां कुछ कहती सी लगती है
कभी फिजां महकी सी लगती है
कभी दूर कहीं शहनाई सी बजती है
कभी साँसों की सरगम सजती है
कभी पायल की रुनझुन हंसती है
कभी चूड़ी की खान-खान खिलती है
जाने कैसे सबको खबर हो जाती है
जब तेरे कदमो की नजदीकी बढती है
जाने कैसे…..

ऐ रात… !!!

ऐ रात !!!
तू धीरे धीरे चल
अभी चंदा
तारों संग बतिया करता है
कुछ उनकी सुनता है
… कुछ अपनी कहता है
दूर कहीं कोई
बंद पलकों में सपने बुनता है
जो मिला ना
दिन के उजियारे में
सपनों में संग संग चलता है
ऐ रात !!!
तुझे पता है….
कोई तेरे लिए तडफता है
जब तेरे आँचल का इक तारा बनकर
वो मुझसे मिलने आता है
ऐ रात….!!!!
धीरे धीरे चल…….

सपने….

सपने कुछ हँसते कुछ गाते
जीने की राह नयी दिखाते
जो बीत गया मत उलझो उसमे
दिल में बस सहेजो उसको
बस जब मन की आँखे खोलो
देखो सुन्दर सपन सलोने
मैंने भी एक सपना देखा
हर चेहरे को हँसते देखा
जीवन मधुर खुशियों का मेला
कोई ना रहे यहाँ अकेला
मै भी कुछ ऐसा कम करूँ
जो बन जाऊं हर आँख का सपना…

यादें…..

यादें कुछ खट्टी कुछ मीठी
कभी दिल में अगन लगाती
कभी मिलने की आस जगाती
जो दूर हुआ नजरो से
उसको भी करीब ले आती
यादी मेरे भी सपनों को महकाती
फिर उनको आशा के रंगों से सजाती
जो बीत गया उसको झूठलाती
रह-रह मुझको बहुत सताती
मुझको तो अब यह भी लगता
गर बन जाऊं मै भी याद कभी
क्या मिल पाऊँगी अपनी यादो से तभी…
यादें……

ज़िन्दगी एक पहेली……

ज़िन्दगी एक पहेली…..
कभी सपनों में खोयी सी
कभी खोये सपनों में रोयी सी
गर है नदिया की धारा सी
संग लिए है खारा पानी भी
पर जब-जब मै इसको समझूँ
क्यों लगती आँख का आँसू सी
पर फिर भी मै मुस्काऊ
जीने की अलख जगाऊँ
फिर से दुनिया इक नयी बसाऊँ
जिसमे खुशियों के फूल खिलाऊँ
ऐ ज़िन्दगी तुझे सपनों के रंग से सजाऊँ…..

नन्ही कली

मेरे दिल की है वो नन्ही कली
हाथ थम मेरा जब वो चली
कदमो तले सारी कायनात लगी
मेरी दुनिया जैसे सपनों सी सजी
उसकी आँखों से जब झरते मोती
मौत की मुझको आहट होती
उसकी एक मुस्कान से ही
मेरे दिल की बगिया है खिलती

एक बात कहूँ…..

एक बात कहूँ…
क्या मानोगे…
तुम्हे दिल में बसा लूँ
क्या रुक जाओगे…
तुम्हे मेहंदी बना लूँ
क्या रंग जाओगे…
तुम्हे खुशबू बना लूँ
क्या साँसों को महकाओगे…
तुम्हे बिंदिया बना लूँ
क्या माथे पे सज जाओगे…
तुम्हे मुस्कान बना लूँ
क्या होंठ मेरे बन जाओगे…
तुम्हे आँचल बना लूँ
क्या मुझसे लिपट जाओगे…
मै तुझमे खुद को देखूँ
क्या मुझसे मुझे मिलोगे….
एक बात कहूँ….
मानोगे….